जीवन में कई बार कोई ग्रह अशुभ फल देता है, ऐसे में उसकी शांति आवश्यक होती है, आपके जीवन को सुखमयी बनाने के लिए कुछ सरल टोटके प्रस्तुत कर रहा हूं , इनमें से किसी एक को भी करने से आपके अशुभ फलों में कमी होकर शुभ फलों में वृद्धि होगी ।
अगर जन्म कुंडली में शुक्र अपनी दशा में अशुभ फल दे रहा है तो करे ये सरल उपाय कुछ ही दिनों में खुशिया वापस लौट आएगी
शुक्र ग्रह प्रेम का प्रतीक है. इस ग्रह के पीड़ित होने से प्यार में परेशानी , पति-पत्नी के बीच क्लेश . सम्भोग शक्ति में कमी आती है तो इसके लिए आप शुक्रवार के दिन व्रत रखें.
अपने जीवनसाथी को कष्ट देने, किसी भी प्रकार के गंदे वस्त्र पहनने, घर में गंदे एवं फटे पुराने वस्त्र रखने से शुक्र -अशुभ फल देता है।
शुक्र वृष और तुला राशि का स्वामी है , मीन राशि में शुभ और कन्या राशि में अपना अशुभ प्रभाव देता है
शुक्र ग्रह बारहवें भाव में धनदायक योग बनाता है और यदि मीन राशि में बारहवें भाव में शुक्र हो तो फिर कहना ही क्या?
कारण यह है कि शुक्र बारहवें भाव में काफी प्रसन्न रहता है क्योंकि बारहवां भाव भोग स्थान है और शुक्र भोगकारक ग्रह, इसी कारण इस भाव में शुक्र होने से भोग योग का निर्माण करता है, चंद्र कला नाड़ी की मानें तो-
व्यये स्थान गते कात्ये नीचांशक वर्जिते।
भाग्याधिपेन सदृष्टे निधि प्राप्तिने संशयः।।
यानि- शुक्र द्वादश स्थान में स्थित हो और नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो ऐसा मनुष्य निधि की प्राप्ति करता है।
अर्थात शुक्र की द्वादश स्थान में स्थिति अच्छी मानी गई है।
भावार्थ रत्नाकार में कहा गया है-
शुक्रस्य षष्ठं संस्थानं योगहं भवति ध्रुवम्।
व्यय स्थितस्य शुक्रस्य यथा योगम् वदन्ति हि।।
अर्थात – शुक्र छठे स्थान में स्थित होकर उतना ही योगप्रद है जितना की वह द्वादश भाव में स्थित होकर योगप्रद है।
उत्तरकालामृत में कहा गया है कि –
‘षष्टस्थो शुभ कृत्कविः
यानि छठे स्थान में शुक्र की स्थिति इसलिये अच्छी मानी जाती है, क्योंकि बारहवें भाव में उसकी पूर्ण दृष्टि रहती है,
जिस कारण वह भोगकारी योग बनाता है।
शुक्रवार को गाय की सेवा करें श्यामा गाय मिल जाये तो और अच्छा है , गाय के निम्मित हरा चारा या ज्वार का चारा कपिला गाय को खिलाये।
शरीर को स्वस्थ रखें प्रातः स्नान करके इत्र का प्रयोग करे।
शुक्र के लिए दूध ,दही, घी, शक्कर , रेशमी कपड़े,कपूर आदि का दान करें.
शुक्र से सम्बन्धित रत्न का दान भी लाभप्रद होता है.
ब्राह्मणों एवं गरीबों को दूध और चावल खिलाएं.
अपने भोजन में से एक हिस्सा निकालकर गाय को खिलाएं.
किसी काने व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान करना चाहिए।
किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय १० वर्ष से कम आयु की कन्या का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेना चाहिए।
किसी कन्या के विवाह में कन्यादान का अवसर मिले तो अवश्य स्वीकारना चाहिए।
शुक्रवार के दिन गौ-दुग्ध से स्नान करना चाहिए।
शुक्र के उपाय : ऊँ शुं शुक्राय नमः मंत्र का जप करें।
चांदी का कड़ा पहनें। श्रीसूक्त का पाठ करें। नेत्रहीन व्यक्तियों की सेवा करें।
शुक्र के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु शुक्रवार का दिन, शुक्र के नक्षत्र (भरणी, पूर्वा-फाल्गुनी, पुर्वाषाढ़ा) तथा शुक्र की होरा में अधिक शुभ होते हैं।
लाल किताब के उपाय कृपया दिन में ही करे एक उपाय पूरा हो जाने के बाद ही दूसरा उपाय करे .
उपाय कम से कम 43 दिन लगातार करे .उपाय करने में सावधानी जरुर बरते ..
बिना उचित सलाह के कोई उपाय आप को और मुस्किल में डाल सकता है, अतः ज्योतिष परामर्श ले कर ही उपाय करे।
अधिक जानकारी के लिए मिले अथवा संपर्क करे
पंडित कौशल पाण्डेय
श्री राम हर्षण शांति कुञ्ज , दिल्ली
+919968550003

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